About


परिचय

डॉ. अंजली रायजादा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता हैं। वर्तमान में वह भाजपा (मध्यप्रदेश) में महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। इससे पूर्व वह महिला मोर्चा में जिला मंत्री रह चुकी हैं, साथ ही पार्षद के रूप में जनसेवा करते हुए नगर निगम की एम.आई.सी. (Member of In Charge) सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुकी हैं।

बाल्यकाल से ही सामाजिक और राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। एक जागरूक एवं कर्मठ व्यक्तित्व के रूप में डॉ. अंजली रायजादा समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से गहरा लगाव है, साथ ही वह आधुनिक सोच और नवाचार को अपनाने में भी विश्वास रखती हैं। सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के विकास को वह अपनी प्राथमिकता मानती हैं।

डॉ. अंजली रायजादा का मानना है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाकर ही एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है। इसी उद्देश्य के साथ वह निरंतर जनजागरण, सामाजिक कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज की सेवा में समर्पित हैं।

डॉ.अंजली रायजादा भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री मध्यप्रदेश

डॉ.अंजली रायजादा भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री मध्यप्रदेश  की एक सक्रिय, समर्पित एवं कर्मठ कार्यकर्ता हूँ। वर्तमान में मुझे भाजपा महिला मोर्चा, मध्यप्रदेश में प्रदेश मंत्री के रूप में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह दायित्व मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में मेरा उद्देश्य सदैव समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं एवं संगठन की विचारधारा को पहुंचाना रहा है। इससे पूर्व मैंने भाजपा महिला मोर्चा में जिला मंत्री के रूप में संगठन को मजबूत करने, महिलाओं को संगठन से जोड़ने तथा जनहित के विभिन्न अभियानों को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
इसके अतिरिक्त, मुझे  पार्षद एवं एमआईसी (MIC) सदस्य के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर भी प्राप्त हुआ, जहाँ मैंने क्षेत्र के विकास, जनसमस्याओं के निराकरण, स्वच्छता, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता जैसे अनेक विषयों पर निरंतर कार्य किया। जनप्रतिनिधि के रूप में मेरा सदैव यह प्रयास रहा है कि आमजन की आवाज को शासन एवं प्रशासन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
मैं एक जमीनी स्तर की जनप्रतिनिधि के रूप में समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर महिलाओं, युवाओं एवं जरूरतमंद लोगों के बीच निरंतर सक्रिय रहती हूँ। महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु समय-समय पर विभिन्न सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती हूँ।
माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी एवं मध्यप्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उनसे लाभान्वित कराने के उद्देश्य से मैं निरंतर प्रयासरत हूँ। मेरा विश्वास है कि सेवा, समर्पण और संगठन की शक्ति के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
राष्ट्रहित, समाजसेवा एवं महिला उत्थान के इसी संकल्प के साथ मैं निरंतर जनसेवा के पथ पर कार्यरत हूँ, ताकि समाज के हर वर्ग को सम्मान, सुरक्षा, अवसर और विकास का अधिकार मिल सके।  

डॉ.अंजली रायजादा भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री मध्यप्रदेश

समाजसेवी

मैं डॉ. अंजली रायजादा, पेशे से एक चिकित्सक हूँ और समाजसेवा मेरे जीवन का सबसे बड़ा ध्येय है। मैं अपनी संस्था “कोणार्क स्वास्थ्य एवं सेवा समिति” के माध्यम से निरंतर सेवा कार्यों में संलग्न हूँ।मेरी संस्था स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य कर रही है। हमारा उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना, समाज को स्वस्थ एवं सशक्त बनाना तथा लोगों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराना है। इस दिशा में कोणार्क स्वास्थ्य एवं सेवा समिति, ग्वालियर जिले में निरंतर प्रयासरत है।संस्था की ओर से जनजातीय क्षेत्रों में संस्कार पाठशाला के माध्यम से बच्चों में नैतिक मूल्यों एवं सद्गुणों का विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही, ग्वालियर जिले में समय-समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं नेत्र परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है।प्रत्येक मरीज की हेल्थ प्रोफाइल को डिजिटल रूप में तैयार किया जाता है, जो “बीमारी मुक्त भारत” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कंसेप्ट का पायलट प्रोजेक्ट सतना में सफलतापूर्वक लागू किया गया, जिससे लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं।इसके अतिरिक्त, मेरी “क्लिनिक ऑन व्हील्स” पहल भी स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाने में प्रभावी साबित हुई है।

महिला जागरूकता शिविर

महिला सुरक्षा, जागरूकता एवं सशक्तिकरण को समर्पित विशेष जागरूकता शिविर एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रमों का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में Gwalior Range IG एवं DIG Gwalior Range मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, सामाजिक अधिकारों एवं जागरूकता के प्रति प्रेरित करना था, ताकि महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

इस अवसर पर मुख्य अतिथियों ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के आधुनिक समय में महिलाओं का जागरूक और आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को साइबर अपराधों, सोशल मीडिया सुरक्षा, घरेलू हिंसा, महिला अधिकारों, आत्मरक्षा एवं कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि महिलाएं किसी भी प्रकार की समस्या या अन्याय के विरुद्ध निडर होकर आवाज उठाएं और अपने अधिकारों के प्रति सदैव सजग रहें।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मविश्वास बढ़ाने, शिक्षा के महत्व को समझने तथा समाज में अपनी सशक्त भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। मुख्य अतिथियों ने कहा कि जब महिलाएं जागरूक एवं शिक्षित बनती हैं, तब परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों मजबूत होते हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी जागरूक करें, ताकि समाज में सुरक्षा, सम्मान और समानता का वातावरण और अधिक मजबूत हो सके।

इस जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा सुरक्षा एवं जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। उपस्थित सभी लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक प्रेरणादायक एवं सकारात्मक पहल बताया।

यह जागरूकता शिविर एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसने समाज में सुरक्षा, सम्मान एवं जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित किया। 

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर

ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने एवं जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विशाल निशुल्क मेडिकल कैम्प का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस मेडिकल कैम्प में आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिलाएं, बुजुर्ग एवं बच्चे स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करने के लिए पहुंचे। कैम्प का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, लोगों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना तथा जरूरतमंद लोगों तक निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था।

मेडिकल कैम्प में अनुभवी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम द्वारा मरीजों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श एवं दवाइयां निशुल्क प्रदान की गईं। कैम्प के दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर, सामान्य स्वास्थ्य जांच, आंखों की जांच एवं अन्य आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। इसके साथ ही लोगों को गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षण, समय पर उपचार एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि जागरूकता एवं सही समय पर उपचार से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए पोषण, एनीमिया, टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही ग्रामीणजनों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

मेडिकल कैम्प के दौरान लोगों को विभिन्न मौसमी बीमारियों से बचाव, साफ-सफाई के महत्व एवं सुरक्षित जीवनशैली के बारे में भी जानकारी दी गई। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों ने पहली बार इस प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त किया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान पाया। कैम्प में उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को अत्यंत लाभदायक एवं समाजहित में एक प्रेरणादायक पहल बताया।

ग्रामीणजनों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई बार उचित चिकित्सा सुविधाएं एवं विशेषज्ञ डॉक्टर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, ऐसे में इस प्रकार के निशुल्क मेडिकल कैम्प लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। कैम्प के माध्यम से न केवल लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हुईं, बल्कि उनमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं आत्मविश्वास भी बढ़ा।

यह निशुल्क मेडिकल कैम्प समाजसेवा, जनकल्याण एवं मानवता की भावना को समर्पित एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय प्रयास साबित हुआ। इस आयोजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने, लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महिलाओं के कानूनी अधिकार  अभियान

महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अत्यंत प्रेरणादायक और प्रभावशाली पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके संवैधानिक, सामाजिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना था, ताकि वे आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त होकर अपने जीवन से जुड़े हर निर्णय को मजबूती के साथ ले सकें। आज के आधुनिक समाज में महिलाओं का शिक्षित होने के साथ-साथ अपने अधिकारों की जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि जागरूक महिला ही परिवार, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनती है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार, शिक्षा का अधिकार, संपत्ति में समान अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण, कार्यस्थल पर सुरक्षा, दहेज प्रतिषेध कानून, बाल विवाह निषेध अधिनियम, मातृत्व लाभ अधिकार तथा महिला उत्पीड़न से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार के मानसिक, शारीरिक, आर्थिक या सामाजिक शोषण के विरुद्ध महिलाएं कानून की सहायता लेकर न्याय प्राप्त कर सकती हैं।

महिलाओं को यह समझाया गया कि कार्यस्थल पर होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत करना उनका अधिकार है तथा घरेलू हिंसा अधिनियम महिलाओं को सुरक्षा एवं न्याय प्रदान करता है। बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त हैं और महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करना कानूनन अपराध है। इसके अतिरिक्त साइबर अपराधों से सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन, पुलिस सहायता, निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर महिलाओं को हर परिस्थिति में सजग और सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी, तभी वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तिकरण संभव हो सकेगा। महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने, अपने अधिकारों का उपयोग करने और समाज में अपनी सशक्त पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित महिलाओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई तथा इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।

यह आयोजन केवल कानूनी जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बना। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने और एक सशक्त, सुरक्षित एवं समतामूलक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महिला जागरूकता और सशक्तिकरण की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। 

स्कूली बच्चों में एनीमिया से बचाव एवं बेहतर स्वास्थ्य जागरूकता

स्कूली बच्चों में एनीमिया से बचाव एवं बेहतर स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर आयोजित यह विशेष कार्यक्रम बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के प्रति जागरूक करना तथा संतुलित आहार, स्वच्छता और सही जीवनशैली के महत्व को समझाना था। आज के समय में बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ बच्चे ही देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से बताया गया कि एनीमिया शरीर में आयरन की कमी के कारण होने वाली एक गंभीर समस्या है, जिससे बच्चों में कमजोरी, थकान, चक्कर आना, ध्यान केंद्रित न कर पाना, पढ़ाई में रुचि कम होना, शारीरिक विकास में रुकावट तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बच्चों को यह भी समझाया गया कि यदि समय रहते एनीमिया की पहचान और उसका उपचार न किया जाए, तो इसका प्रभाव उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है।

कार्यक्रम में बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंकुरित अनाज, चना, गुड़, अनार, चुकंदर, मूंगफली, दूध, फल एवं आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि सही समय पर भोजन करना, स्वच्छ पानी पीना, हाथ धोने की आदत अपनाना और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बच्चों के खानपान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है और यही बच्चों को आत्मविश्वासी, ऊर्जावान एवं सफल बनाने में सहायक होता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई तथा स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाएं भी दूर कीं। बच्चों को खेल-खेल में स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां देकर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के स्वास्थ्य एवं भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

यह आयोजन केवल एनीमिया से बचाव की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, कुपोषण जैसी समस्याओं को कम करने और उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायक प्रयास सिद्ध हुआ। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ, सशक्त और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है

गर्भ संस्कार अभियान

गर्भ संस्कार” कार्यक्रम का आयोजन गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों को स्वस्थ मातृत्व, सुरक्षित गर्भावस्था एवं शिशु के समग्र विकास के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भव्य एवं सफल रूप से किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व को समझाना तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं स्वास्थ्य सलाहकारों द्वारा महिलाओं को बताया गया कि गर्भावस्था का समय मां एवं शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान मां का खान-पान, रहन-सहन, मानसिक स्थिति एवं वातावरण शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास पर सीधा प्रभाव डालता है। महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, हरी सब्जियां, फल, दूध, दालें, सूखे मेवे एवं पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान जंक फूड, अत्यधिक तनाव एवं अनियमित दिनचर्या से बचना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को नियमित योग, प्राणायाम एवं हल्के व्यायाम के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग एवं सकारात्मक दिनचर्या अपनाने से मां एवं शिशु दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा मानसिक शांति एवं आत्मविश्वास भी बढ़ता है। महिलाओं को पर्याप्त आराम करने, समय पर भोजन करने एवं डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर महिलाओं को यह भी बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान सकारात्मक वातावरण, अच्छे विचार, मधुर संगीत, धार्मिक एवं प्रेरणादायक साहित्य तथा अच्छे संस्कार शिशु के मानसिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महिलाओं को तनावमुक्त एवं प्रसन्न रहने, परिवार के साथ सकारात्मक समय बिताने तथा अच्छी सोच एवं सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि गर्भ संस्कार केवल मां के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान मातृ स्वास्थ्य, शिशु देखभाल, पोषण, स्वच्छता, सुरक्षित मातृत्व एवं प्रसव पूर्व देखभाल जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं को एनीमिया, कुपोषण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के उपाय भी बताए गए। साथ ही समय-समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने एवं स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं परिवारजनों ने इसे अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने, स्वस्थ मातृत्व को प्रोत्साहित करने एवं महिलाओं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक प्रयास बताया।

“गर्भ संस्कार” कार्यक्रम महिलाओं को स्वस्थ गर्भावस्था, सुरक्षित मातृत्व एवं स्वस्थ शिशु के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य, संस्कार, सकारात्मक सोच एवं पारिवारिक मूल्यों का संदेश प्रसारित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं सराहनीय पहल साबित हुआ। यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ, संस्कारित एवं मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया।

कवि सम्मान समारोह

कवि सम्मान समारोह” का आयोजन साहित्य, संस्कृति एवं हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और साहित्यकारों के सम्मान के उद्देश्य से अत्यंत भव्य एवं गरिमामयी रूप से किया गया। इस विशेष अवसर पर शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित कवियों, साहित्यकारों, गीतकारों एवं रचनाकारों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने अपनी लेखनी और विचारों के माध्यम से समाज में जागरूकता, सकारात्मक सोच एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्यकारों की प्रतिभा को सम्मान देना, उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना तथा नई पीढ़ी को साहित्य एवं हिंदी भाषा के प्रति प्रेरित करना रहा।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों एवं कवियों का पुष्पगुच्छ, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने देशभक्ति, समाज सेवा, नारी शक्ति, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, युवा जागरूकता, आध्यात्मिकता एवं मानवीय संवेदनाओं जैसे विभिन्न विषयों पर अपनी ओजपूर्ण, प्रेरणादायक एवं भावनात्मक कविताओं का सुंदर काव्य पाठ प्रस्तुत किया। कवियों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को साहित्यिक ऊर्जा एवं भावनाओं से भर दिया।

कार्यक्रम में हास्य, वीर रस, श्रृंगार, करुण एवं प्रेरणादायक कविताओं की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई कविताओं ने लोगों को भावुक किया तो कई प्रस्तुतियों ने सभी को हँसी और उत्साह से भर दिया। उपस्थित श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कवियों का उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार एवं प्रेरणादायक अनुभव बन गया।

इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, शिक्षाविद, साहित्य प्रेमी, युवा वर्ग एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रकार के आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, सकारात्मक दिशा देने और संस्कारों को जीवित रखने का कार्य करता है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के आधुनिक एवं तकनीकी युग में भी साहित्य का महत्व कम नहीं हुआ है। कवि और साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की भावनाओं, समस्याओं एवं वास्तविकताओं को अभिव्यक्त करते हैं और लोगों को जागरूक करने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से साहित्यकारों को सम्मान मिलता है तथा युवाओं में हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ती है।

“कवि सम्मान समारोह” केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को सहेजने एवं आगे बढ़ाने का एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ। इस आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया कि साहित्य समाज का दर्पण है और कवि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को नई सोच, नई दिशा एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, कवियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार  व्यक्त करते हुए किया गया।  

मेहनत, प्रतिभा और सफलता का सम्मान — युवा शक्ति को समर्पित एक प्रेरणादायी आयोजन

NEET परीक्षा में सफलता प्राप्त कर चिकित्सा के क्षेत्र में अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर प्राप्त हुआ। इन होनहार विद्यार्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों से न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे शहर का गौरव बढ़ाया है।इस अवसर पर शहर की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रमुख हस्तियों का भी सम्मान किया गया। समाज में अपने-अपने क्षेत्र के माध्यम से सकारात्मक योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करना हमारे लिए गौरव का विषय रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्वालियर रेंज के DIG डॉ. असीत यादव जी एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री प्रवीण अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त करना विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। ऐसे प्रतिभावान युवाओं का सम्मान करना केवल उनके प्रयासों का अभिनंदन नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा, परिश्रम और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।मैं सभी सम्मानित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देती हूँ। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में ये युवा चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाओं के माध्यम से समाज और राष्ट्र की सेवा करेंगे।प्रतिभा को पहचान, मेहनत को सम्मान और युवाओं को प्रोत्साहन — यही एक सशक्त एवं विकसित समाज की दिशा में हमारा निरंतर प्रयास है।

सेवा, स्वास्थ्य और सम्मान — जनसेवा की एक सार्थक पहल

  सेवा, स्वास्थ्य और सम्मान — जनसेवा की एक सार्थक पहलग्वालियर के वार्ड क्रमांक 33 स्थित प्रजापति मोहल्ला में आयोजित स्वास्थ्य शिविर जनसेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल रहा। शिविर में क्षेत्र के लगभग 250 से 300 नागरिकों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को पहुंचाना तथा नागरिकों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक बनाना रहा।

स्वास्थ्य किसी भी स्वस्थ एवं सशक्त समाज की मूलभूत आवश्यकता है। एक व्यक्ति का स्वस्थ होना केवल उसके व्यक्तिगत जीवन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव उसके परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति पर भी पड़ता है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से क्षेत्रवासियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता यह दर्शाती है कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।इस अवसर को केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित न रखते हुए समाज के प्रति उल्लेखनीय योगदान देने वाले सम्माननीय नागरिकों का सम्मान एवं अभिनंदन भी किया गया। सामाजिक जीवन में ऐसे व्यक्तित्वों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जो अपने व्यक्तिगत हितों से आगे बढ़कर समाज के लिए समय, ऊर्जा और संसाधनों का समर्पण करते हैं।

उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना न केवल उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी सेवा और सकारात्मक सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करने का माध्यम है।जनसेवा की वास्तविक भावना तभी सार्थक होती है, जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बने। इसी भावना के साथ क्षेत्रवासियों के बीच निरंतर संवाद, उनकी आवश्यकताओं को समझने तथा स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है।समाज के विकास के लिए केवल भौतिक सुविधाओं का विस्तार पर्याप्त नहीं है। एक मजबूत और प्रगतिशील समाज के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, जागरूकता, सम्मान, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

इसी व्यापक दृष्टिकोण के साथ सेवा गतिविधियों को जनभागीदारी से जोड़ने और समाज के विभिन्न वर्गों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है।इस स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से यह संदेश भी देने का प्रयास किया गया कि स्वास्थ्य सेवा केवल सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। जब समाज के लोग एक-दूसरे के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति संवेदनशील बनते हैं, तो सामूहिक रूप से एक अधिक जागरूक, स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण होता है।साथ ही, समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नागरिकों का सम्मान यह भावना मजबूत करता है कि अच्छे कार्यों को पहचान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। सामाजिक सेवा, जनकल्याण और समाज के उत्थान में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा देता है।

जनसेवा का उद्देश्य केवल किसी एक कार्यक्रम या आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता है। क्षेत्रवासियों के सुख-दुख में सहभागी बनना, उनकी समस्याओं को सुनना, आवश्यकतानुसार सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करना तथा स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना इसी निरंतर सेवा-यात्रा का हिस्सा है।भविष्य में भी स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़ी पहलों को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास रहेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। हमारा विश्वास है कि जब स्वस्थ नागरिक, जागरूक समाज और सम्मान की संस्कृति एक साथ आगे बढ़ती है, तभी सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार होती है।इसी सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण के संकल्प के साथ क्षेत्रवासियों के बीच निरंतर उपस्थित रहकर समाज के लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।
  
                                                                                                                 स्वस्थ समाज • सम्मानित समाज • जागरूक समाज • सशक्त समाज
                                                                                                                      यही जनसेवा का संकल्प है, यही सामाजिक प्रगति की दिशा है।

                              🌺🙏 “माँ की आराधना में बेटी, तुम्हें अपार शक्ति है”🌺🙏

शक्ति, श्रद्धा और भक्ति के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर थाटीपुर कन्या विद्यालय, ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर माँ दुर्गा की आराधना करने तथा नारी शक्ति के सामर्थ्य, आत्मविश्वास, सम्मान और सशक्तिकरण के विचारों को साझा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 🌸🙏 माँ दुर्गा के नौ स्वरूप नारी की असीम शक्ति, साहस, धैर्य, करुणा और अदम्य इच्छाशक्ति के प्रतीक हैं। माँ का प्रत्येक स्वरूप हमें यह प्रेरणा देता है कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण की एक सशक्त स्तंभ भी है। प्रत्येक बेटी के भीतर अनगिनत संभावनाएँ, असीम प्रतिभा और अपने सपनों को साकार करने का अद्भुत सामर्थ्य छिपा होता है। आवश्यकता है तो बस उसे सही अवसर, उचित मार्गदर्शन, शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहन देने की। मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब बेटियाँ आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, तो वे न केवल अपने परिवार का गौरव बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाकर राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आज आवश्यकता है कि हम हर बेटी को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करें, उसकी प्रतिभा को पहचानें, उसके सपनों को पंख दें और ऐसा वातावरण तैयार करें जहाँ प्रत्येक नारी सम्मान, स्वाभिमान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्त कर सके। आइए, इस पावन नवरात्रि पर हम सभी संकल्प लें कि नारी सम्मान, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करेंगे, क्योंकि सशक्त नारी ही सशक्त परिवार, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। 🌺🚩 माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि उनकी असीम कृपा प्रत्येक बेटी के जीवन में शक्ति, साहस, ज्ञान, समृद्धि और सफलता का संचार करे तथा हर बेटी अपने आत्मविश्वास और प्रतिभा से नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे। 🌸✨

   जय माता दी! 🙏🌺
   नारी शक्ति — राष्ट्र शक्ति! 🇮🇳🚩

                                       🌸🙏स्वस्थ नारी – स्वस्थ परिवार – स्वस्थ समाज🌸🙏

मातृशक्ति का स्वास्थ्य किसी भी परिवार की खुशहाली, समाज की मजबूती और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। एक स्वस्थ महिला न केवल अपने परिवार की देखभाल करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ, जागरूक और संस्कारवान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी भावना और उद्देश्य के साथ लक्ष्मीगंज हॉस्पिटल, ग्वालियर में आरोग्य भारती ग्वालियर (महिला आयाम) द्वारा आयोजित “मातृशक्ति स्वास्थ्य प्रबोधन कार्यक्रम” में सहभागिता करने का अवसर प्राप्त हुआ।इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं आरोग्य भारती की राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमती डॉ. रीता श्रीवास्तव जी का सान्निध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मातृशक्ति के स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, नियमित दिनचर्या, स्वस्थ जीवनशैली तथा महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक एवं प्रेरणादायी चर्चा हुई। साथ ही, महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझते हुए उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, समय पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर ध्यान देने तथा परिवार में भी स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने का संदेश दिया गया।अक्सर महिलाएँ परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भूल जाती हैं, जबकि परिवार की वास्तविक खुशहाली के लिए महिला का स्वस्थ और सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। जब एक महिला अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर दिखाई देता है। इसलिए आवश्यक है कि हम महिलाओं के स्वास्थ्य को केवल व्यक्तिगत विषय न मानकर सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी समझें और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करें।ऐसे स्वास्थ्य प्रबोधन कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने, सही जानकारी उपलब्ध कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आरोग्य भारती ग्वालियर (महिला आयाम) द्वारा मातृशक्ति के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की यह पहल सराहनीय एवं प्रेरणादायी है। इस प्रकार के प्रयास समाज में स्वास्थ्य, सेवा, जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की भावना को और अधिक मजबूत बनाते हैं।आइए, हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देंगे तथा प्रत्येक महिला को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं सजग रहने के लिए प्रेरित करेंगे।क्योंकि जब नारी स्वस्थ होगी, तभी परिवार खुशहाल होगा, समाज सशक्त बनेगा और राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। 🌿💐🙏

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